वाराणसी , अगस्त 31 -- प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी समझने की अपील करते हुए नमामि गंगे ने सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाटों से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने श्रद्धालुओं के साथ देवाधिदेव महादेव से प्रकृति एवं पर्यावरण के संतुलन की प्रार्थना की।

उन्होंने जंगलों, पहाड़ों, जीव-जंतुओं और नदियों की रक्षा तथा प्रकृति के दोहन के बजाय उसके संरक्षण और पोषण का संकल्प लेने की अपील की। इस दौरान पर्यावरण के लिए हानिकारक सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का संदेश दिया गया और श्रद्धालुओं को कपड़े से बने झोले वितरित किए गए। श्री शुक्ला ने कहा कि सुरक्षित और सुनहरे भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। समय रहते मानव समाज नहीं चेता तो पर्यावरणीय असंतुलन मानवता के सुरक्षित भविष्य के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

श्री शुक्ला ने कहा कि आदिकाल से पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य का गहरा संबंध रहा है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में तेज भौतिक विकास का पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक और सहभागी दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।

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