वाराणसी , मार्च 17 -- धार्मिक नगरी काशी में इफ्तार के दौरान गंगा में नाव पर बिरयानी पार्टी करने और उसके अवशेषों को गंगा में फेंकने की घटना पर अखिल भारतीय संत समिति ने कड़ा विरोध जताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने मंगलवार को कहा, "माँ गंगा के ऊपर जिस प्रकार रोजा इफ्तार के नाम पर उच्छिष्ट (जूठन) और मांसाहार के अवशेष डाले गए, वह अत्यंत गंभीर श्रेणी का आपराधिक कृत्य है। इस्लाम के पवित्र मास के दौरान हिंदुओं को भड़काने की यह एक बड़ी साजिश प्रतीत होती है।"उन्होंने सवाल किया कि यह सुनियोजित साजिश रचने वाले लोग कौन हैं और इसके पीछे उनकी मंशा क्या है। स्वामी ने प्रशासन से मांग की कि मामले की गहन जांच कर गिरफ्तारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन कृत्यों के पीछे कौन सी ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की कि इस असहनीय और अधार्मिक कृत्य के दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए।

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