वाराणसी , अक्टूबर 10 -- बाढ़ का पानी कम होते ही नगर निगम ने गंगा घाटों की सफाई के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने घाटों पर जमा सिल्ट (गाद) की सफाई सुनिश्चित करने और कार्यों की नियमित निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
नगर निगम ने आदिकेशव घाट से रविदास घाट और रामघाट तक सभी 85 गंगा घाटों को विभिन्न जोन और क्लस्टर में विभाजित कर पर्यवेक्षणीय एवं नोडल अधिकारियों की तैनाती की है। संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन अपने आवंटित घाट का स्थलीय निरीक्षण कर जियोटैग की गई तस्वीरें अधिकारियों के समूह में साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर आयुक्त ने सभी अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर सफाई कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही या शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सफाई कार्यों की निगरानी के लिए अपर नगर आयुक्त दुर्गेश कुमार मिश्रा, विनोद कुमार गुप्ता और पवन कुमार गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव, जोनल अधिकारी इन्द्र विजय, मनोज कुमार सिंह और मृत्युंजय नारायण मिश्रा, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी संदीप भार्गव, जोनल स्वच्छता अधिकारी क्षितिज मिश्रा एवं राजीव कुमार तथा संयुक्त नगर आयुक्त कृष्णचंद्र को विभिन्न घाटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अधिकारियों को घाटों की सीढ़ियों और प्लेटफॉर्म पर जमा गाद पूरी तरह हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, निकाली गई सिल्ट को घाटों पर जमा छोड़ने के बजाय तत्काल उठाकर निर्धारित स्थलों पर निस्तारित करने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो।
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