वाराणसी , जून 25 -- काशी की धार्मिक पवित्रता, मां गंगा की अविरल एवं निर्मल धारा के संरक्षण तथा शहर को उसकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप विकसित किए जाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत मांग-पत्र जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से प्रेषित किया गया।
इस अवसर पर बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी, संरक्षक राजस्व बार एसोसिएशन के महामंत्री जितेंद्र तिवारी तथा भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक राजेश त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
मांग-पत्र में काशी के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों को विशेष धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षित क्षेत्र घोषित करने, गंगा घाटों पर प्रभावी आचार संहिता लागू करने, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा गंगा को प्रदूषित करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके अलावा धार्मिक मर्यादा के विपरीत गतिविधियों पर नियंत्रण और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का भी अनुरोध किया गया है।
संयुक्त वक्तव्य में अधिवक्ताओं ने कहा कि काशी भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है तथा मां गंगा करोड़ों लोगों की आस्था की जीवनरेखा हैं। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय भी समय-समय पर गंगा की पवित्रता और घाटों की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने पर चिंता जता चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मांग-पत्र को शीघ्र अपनी संस्तुति सहित प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को प्रेषित करने का अनुरोध किया, ताकि काशी एवं गंगा संरक्षण के लिए आवश्यक नीतिगत निर्णय लिए जा सकें।
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