बेंगलुरु/नई दिल्ली , जुलाई 28 -- कावेरी जल नियमन समिति ने मंगलवार को कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक कावेरी जल छोड़ने का निर्देश दिया है। समिति का यह फैसला कर्नाटक के उस दावे के बावजूद आया है जिसमें उसने कहा था कि कमजोर मानसून के कारण वह पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने में भी असमर्थ है।
इस निर्देश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि सरकार इस सिफारिश को लागू करने या कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष इसे चुनौती देने पर अंतिम फैसला लेने से पहले राज्य सरकार मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ परामर्श करेगी।
श्री रेड्डी ने कहा, "हम पानी की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। यहां बारिश नहीं हुई है और हमें पूरे साल के लिए पीने का पानी सुनिश्चित करना है। हम इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और आगे का फैसला लेंगे।"दूसरी ओर, तमिलनाडु ने समिति के समक्ष अपनी मांग दोहराते हुए अपना रुख स्पष्ट रखा कि कर्नाटक को कावेरी जल बंटवारे पर सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले के अनुसार पानी छोड़ना चाहिए।
कर्नाटक के अधिकारियों ने समिति को सूचित किया कि जून के महीने में कावेरी जलग्रहण क्षेत्र में बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई, जिसके कारण जलाशयों में पानी की आवक न के बराबर रही।
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