जालौन , जुलाई 1 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बुधवार को आयोजित बैठक में मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने कहा कि कालपी क्षेत्र में औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए एक प्रभावी एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
सर्किट हाउस सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में पेपर उद्योगों के उद्यमियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। इस दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि उद्योग प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दोनों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत समाधान व्यवहारिक और दूरदर्शी है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से उद्योगों को राहत मिलेगी और प्रदूषण संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
मंडलायुक्त ने बताया कि कालपी के औद्योगिक विस्तार को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2045 तक की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके तहत जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का पुनर्मूल्यांकन कर मजबूत और टिकाऊ ढांचा विकसित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन, उद्योग जगत और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा, जिससे उद्योगों की निरंतर प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य भी प्रभावी ढंग से प्राप्त किए जा सकें।
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