नयी दिल्ली , जुलाई 24 -- केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थलों को मजबूत बनाने के प्रति केन्द्र सरकार प्रतिबद्धता दोहराते हुए शुक्रवार को कहा कि यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों के लिए शी-बॉक्स पोर्टल महत्वपूर्ण डिजिटल मंच के रूप से उभरा है।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने गैर सरकारी एवं गैर लाभकारी संगठन नोमीन्सनो के चौथे राष्ट्रीय यौन उत्पीड़न निवारण सम्मेलन को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान की गयी है।
उन्होंने इस मौके पर महिलाओं के लिए कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था में आये बदलावों की चर्चा की और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक सुलभ बनाने के लिए सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
केन्द्रीय मंत्री ने सरकार, न्यायपालिका, नियोक्ताओं, जांचकर्ताओं और विषय विशेषज्ञों को एक साथ लाने वाला विश्वसनीय राष्ट्रीय मंच तैयार करने के लिए नोमीन्सनो फाउंडेशन को बधाई दी। उन्होंने जागरूकता, क्षमता निर्माण और सार्थक संवाद को मजबूत करने में फाउंडेशन के योगदान की भी सराहना की।
सम्मेलन की शुरुआत में दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर गरिमा और सुरक्षा से जुड़ी चर्चाएं अब पहले की तुलना में अधिक परिपक्व और व्यापक हो रही हैं।
उन्होंने नोमीन्सनो फाउंडेशन द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थागत स्तर पर सार्थक बदलाव केवल अलग-अलग अनुपालन गतिविधियों से नहीं, बल्कि सरकार, नियोक्ताओं और नागरिक समाज के बीच निरंतर सहयोग से संभव होगा।
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और नोमीन्सनो फाउंडेशन के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। इस सहयोग का उद्देश्य दिल्ली में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (पॉश) को लेकर जागरूकता, क्षमता निर्माण, संस्थागत तैयारियों, अनुपालन संबंधी सहायता और जानकारी साझा करने के लिए एक व्यवस्थित ढांचा स्थापित करना है।
इस साझेदारी के अंतर्गत दिल्ली की 181 महिला हेल्पलाइन कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन और जानकारी प्रदान करने में भी सहायता करेगी। इससे पॉश से संबंधित विषयों पर स्पष्टता चाहने वाले लोगों के लिए एक अतिरिक्त संस्थागत सहायता तंत्र उपलब्ध होगा।
इस पहल को ऐतिहासिक सार्वजनिक-निजी सहयोग बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि प्रत्येक कार्यस्थल तक जागरूकता, पहुंच और संस्थागत सहायता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी साझेदारियां आवश्यक हैं, चाहे संगठन का आकार या क्षेत्र कोई भी हो।
दिनभर चले सम्मेलन के दौरान देशभर के उत्कृष्ट संगठनों और पेशेवरों को राष्ट्रीय पॉश उत्कृष्टता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार कार्यस्थल प्रशासन, उत्पीड़न निवारण, नेतृत्व, नवाचार, जागरूकता और संस्थागत उत्कृष्टता में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किये गये।
कार्यक्रम के दौरान कई पैनल चर्चाएं भी की गयीं। सम्मेलन में देशभर से 250 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिनमें मानव संसाधन अधिकारी, एचआर प्रमुख, कानूनी पेशेवर, विषय विशेषज्ञ और कार्यकर्ता शामिल थे।
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