भोपाल , अक्टूबर 21 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी त्योहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाने, दीपावली पर पटाखों की अवैध बिक्री रोकने और नकली या मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी जिले में अप्रिय घटना होने पर संबंधित कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार होंगे।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स, कमिश्नर्स, पुलिस अधीक्षकों और पुलिस महानिरीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा और आकस्मिक प्रबंधन की तैयारियां समय रहते पूरी करें तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें।
डॉ. यादव ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, सामाजिक और साम्प्रदायिक तनाव की आशंका वाले स्थानों पर प्रतिबंधात्मक एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नियमित पुलिस गश्त और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने दीपावली के दौरान पटाखों की दुकानों को लाइसेंस जारी करते समय निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन कराने, दुकानों का भौतिक सत्यापन करने और विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय, भंडारण और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने तथा अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक प्रबंध करने को कहा।
उन्होंने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प से होने वाली दुर्घटनाओं तथा संभावित जनहानि का उल्लेख करते हुए इनके इस्तेमाल पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन वाहन, उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ प्रमुख स्थलों पर एम्बुलेंस तैनात करने तथा नजदीकी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट रखने को भी कहा। शहरों और कस्बों के प्रमुख मार्गों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए सघन जांच अभियान चलाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री नहीं होने दी जाए। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि मिलावट के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
डॉ. यादव ने खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने, मिलावट की आशंका होने पर नमूने लेने और आवश्यकतानुसार खाद्य पदार्थ जब्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाए। अस्वास्थ्यकर और अस्वच्छ स्थानों पर खाद्य पदार्थों का निर्माण या बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी।
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