रायपुर , अगस्त 05 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का एक मामला सामने आया है। बालोद जिले की सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक उमेश कुमार सिन्हा से 1.13 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने बुधवार को खुलासा किया। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, कंपनी विस्तार के लिए 45 करोड़ रुपए के निवेश की आवश्यकता थी। इसी दौरान आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताते हुए कंपनी में निवेश कराने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने बड़े अधिकारियों से मुलाकात कराने, फाइल प्रक्रिया पूरी कराने, सुरक्षा मंजूरी और विदेशी जांच जैसी बातों का हवाला देकर पीड़ित को विश्वास में लिया।

जांच के मुताबिक, ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पीड़ित को चेन्नई और नागपुर बुलाया, जहां केमिकल के जरिए काले नोटों को असली नोट में बदलकर दिखाने का झांसा दिया गया। इसके बाद अलग-अलग कारण बताकर पीड़ित से किश्तों में कुल 1.13 करोड़ रुपए ले लिए गए।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू की। तकनीकी जांच के आधार पर दो महिला आरोपियों की पहचान की गई, जिन्हें नागपुर से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (कोलकाता) और दीपिका पालीवाल (उदयपुर, राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 26 हजार कैश, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए हैं।

पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह नागपुर, लखनऊ समेत कई राज्यों में इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अन्य राज्यों से भी आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि रकम लेने के बाद आरोपी लगातार नकली नोटों की खेप तैयार होने, सुरक्षा व्यवस्था और डिलीवरी में देरी का बहाना बनाकर उन्हें टालते रहे। काफी समय बीतने के बाद भी न तो नकली नोट मिले और न ही एडवांस के तौर पर दी गई राशि वापस की गई। इसके बाद उन्होंने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और देशभर में की गई ठगी की घटनाओं का पता लगाया जा सके।

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