वाराणसी , अक्टूबर 27 -- काशी में अमर शहीदों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित करने की परंपरा के 27 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से एक माह तक चलने वाले आकाशदीप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कारगिल युद्ध में भारत की विजय के बाद वर्ष 1999 में संस्था ने इस परंपरा को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान किया था।

कार्यक्रम का शुभारंभ गणपति वंदना और देशभक्ति गीतों के साथ हुआ। इस दौरान संस्था के संस्थापक स्वर्गीय पं. सत्येंद्र मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संस्था की ओर से कार्तिक मास में भारतीय सेना, वायु सेना, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ, रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस के बलिदानी जवानों की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।

इस अवसर पर वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी मुख्य अतिथि, अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत शंकर पुरी विशिष्ट अतिथि तथा 39 जीटीसी के ब्रिगेडियर उमेश ए. परब कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। सीआरपीएफ की 95वीं बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर, ग्रुप कैप्टन सचित सूद और एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर अनुप सिंह बिष्ट सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।

संस्था के अनुसार, 24 नवंबर को देवदीपावली महोत्सव में शहीदों को 'भगीरथ शौर्य सम्मान' से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान शहीदों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।

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