पटना , अप्रैल 05 -- बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने रविवार को कायस्थ समाज की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संख्या में कम होने के बावजूद इस समाज ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों और राष्ट्र की प्रगति में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. कुमार ने आज ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) को संबोधित करते हुए कहा कि यह समाज सदियों से शिक्षा, प्रशासन और बौद्धिक नेतृत्व के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। इस समाज ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने, शिक्षा के प्रसार तथा समाज में बौद्धिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस समाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता रही है और इसने समाज तथा देश को अनेक विद्वान, लेखक और कुशल प्रशासक दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि कायस्थ समाज ने सीमित संख्या बल के बावजूद राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह समाज आज भी अपनी बौद्धिक क्षमता और नेतृत्व कौशल के माध्यम से देश और समाज को दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने इस परंपरा को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस समाज ने हर दौर में बौद्धिक नेतृत्व से अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीति से लेकर कला, संस्कृति, कानून, साहित्य, शिक्षा, उद्यमिता और पत्रकारिता जैसे सभी क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय और प्रभावशाली भागीदारी रही है, जो इसे विशिष्ट बनाती है।

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