कानपुर , मार्च 30 -- कानपुर मेट्रो ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सीएसए से बर्रा आठ के बीच कॉरिडोर-2 के 4.80 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन में टनल निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही कॉरिडोर-1 और 2 दोनों के संपूर्ण टनलिंग कार्य का समापन हो गया है। सोमवार को 'पार्वती' टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने डबल पुलिया स्टेशन पर अंतिम ब्रेकथ्रू करते हुए 'अप-लाइन' टनल का निर्माण पूरा किया। महज 16 महीनों में इस अंडरग्राउंड सेक्शन का निर्माण पूरा किया जाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 की कुल लंबाई लगभग 8.60 किमी है, जिसमें 4.80 किमी हिस्सा भूमिगत है। इस खंड में रावतपुर से डबल पुलिया तक टनल का निर्माण किया गया। इससे पहले 'गोमती' टीबीएम मशीन ने 9 फरवरी 2026 को डाउनलाइन टनल का निर्माण पूरा किया था।
पूरे कानपुर मेट्रो नेटवर्क की लंबाई लगभग 32.5 किमी है, जिसमें करीब 13.50 किमी हिस्सा अंडरग्राउंड है। कॉरिडोर-1 के 8.60 किमी लंबे भूमिगत सेक्शन में 7 स्टेशन हैं, जबकि कॉरिडोर-2 में 3 अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। टनल निर्माण के लिए दोनों कॉरिडोर में कुल 7 टीबीएम मशीनों का उपयोग किया गया। कॉरिडोर-1 में 'नाना', 'तात्या', 'आजाद' और 'विद्यार्थी', जबकि कॉरिडोर-2 में 'गोमती', 'सरस्वती' और 'पार्वती' मशीनों ने काम किया।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इसे अहम मील का पत्थर बताते हुए कहा कि अत्याधुनिक तकनीक और कुशल इंजीनियरिंग के जरिए शहर के व्यस्त मार्गों के नीचे बिना यातायात प्रभावित किए सुरक्षित टनल निर्माण पूरा किया गया है।
उन्होंने बताया कि कॉरिडोर-1 (आईआईटी से नौबस्ता) के अंतर्गत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक लगभग 16 किमी रूट पर मेट्रो सेवा संचालित है, जबकि शेष हिस्से में परीक्षण कार्य जारी है। वहीं कॉरिडोर-2 का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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