कानपुर , सितंबर 12 -- उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने निवेश के नाम पर कारपोरेट एवं फर्जी फर्मो के खातों के जरिये देश भर में 5600 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुये उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि शाहजेव वारिस (24) और सलमान (31) को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 65 लाख 26 हजार रुपये की नगदी बरामद की। आरोपियों के पास 72 संदिग्ध खातों के नंबर मिले हैं जिनके जरिये ये देश भर में साइबर ठगी को अंजाम देते थे। दिल्ली,केरल,तमिलनाडु,तेलंगाना,आंध्र प्रदेश,जम्मू कश्मीर,बिहार,मध्य प्रदेश,राजस्थान,गुजरात,महाराष्ट्र,पश्चिम बंगाल,झारखंड,उत्तराखंड,छत्तीसगढ़ और हरियाणा आदि राज्यो से गिरोह के खिलाप एनसीआरपी पोर्टल पर करीब 86 शिकायतें दर्ज हैं।

उन्होने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि गिरोह निवेश के नाम पर अधिक लाभ अर्जित करने का लालच देकर लोगों से विभिन्न फर्मो के नाम पैसा मंगाता था । इस पैसे को विभिन्न गेमिंग प्लेटफार्मो के जरिये अलग अलग खातों में घुमाया जाता था जिससे पुलिस उन तक न पहुंच सके। अब तक की जांच में कानपुर नगर की 14 बैंकों में 72 खातों से 5600 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन का मामला प्रकाश में आया है।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में सामने आये छह सात लोगों की तलाश में पुलिस जुट गयी है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों की पुलिस से संपर्क स्थापित कर गिरोह के नेटवर्क के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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