कानपुर , मई 21 -- उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने पिछले साल अगस्त में एक करोड़ 27 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में वांछित एक अभियुक्त को महाराष्ट्र में गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह ने गुरुवार को बताया कि अगस्त 2025 में सरदार मोहकम सिंह के साथ एक करोड़ 27 लाख रुपये की साइबर ठगी की घटना हुई थी, जिसमें पीड़ित के खाते से धनराशि विभिन्न माध्यमों से निकाल ली गई थी। जांच के दौरान यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि लगभग 54 लाख रुपये मूल्य का सोना खरीदा गया था। घटना के अनावरण के लिये लगातार लगभग छह माह तक साइबर थाना एवं क्राइम ब्रांच की टीमों द्वारा गहन प्रयास किए गए। उन्होने बताया कि इस मामले कोपुलिस अधिकारियों ने गंभीर चुनौती के रूप में लेते हुए निरंतर मॉनिटरिंग की। इस बीच केंद्र सरकार के डाटा एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर एक संदिग्ध की फोटो एवं पहचान प्राप्त हुई, जिसका अपराध के समय प्रयुक्त पहचान से एक जैसा पाया गया। नाम अलग होने के बावजूद टीम लगातार तकनीकी एवं मैनुअल सर्विलांस पर कार्य करती रही।

जांच के क्रम में एक अभियुक्त अरशद अंसारी को मेरठ से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके अलावा दूसरे अभियुक्त मेराज अंसारी की तलाश में पुलिस टीम महाराष्ट्र में लगातार अभियान चला रही थी। बीते कई दिनों से लगातार प्रयासरत टीम द्वारा अभियुक्त को ट्रेस करते हुए गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा है।

गिरफ्तारी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम शामिल रही। पूछताछ में यह भी तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह से दो नाइजीरियन नागरिक भी जुड़े हुए हैं। उनके संबंध में विस्तृत जानकारी एकत्र कर आगे की विधिक एवं तकनीकी कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तारी के समय अभियुक्त स्कूटी से घूम रहा था तथा लगातार अपना हुलिया एवं ठिकाना बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। हालांकि तकनीकी साक्ष्यों एवं सतत निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने उसे सफलतापूर्वक ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

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