कानपुर , जुलाई 24 -- उत्तर प्रदेश में कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि "अपनों की मुस्कान बनाए रखें, हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और हर सफर सुरक्षित बनाएं।" सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा, प्रवर्तन कार्रवाई, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुधार तथा सड़क दुर्घटना में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। इसमें संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही इसे प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चालकों और यात्रियों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी अनेक दुर्घटनाओं को रोक सकती है और अनमोल जीवन बचा सकती है।

उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच सड़क सुरक्षा के प्रति विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। रैली, प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को सुरक्षित यातायात व्यवहार के प्रति प्रेरित किया जाए।

बैठक में जून 2026 के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में ओवर स्पीडिंग के 9,619, बिना हेलमेट वाहन चलाने के 38,221, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 14,707, शराब पीकर वाहन चलाने के 422 तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग के 367 चालान किए गए।

बैठक में राहवीर योजना एवं प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, ताकि आमजन दुर्घटना पीड़ितों की तत्काल सहायता के लिए प्रेरित हों।

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अधिकतम सात दिन अथवा 1.50 लाख रुपये तक, जो पहले हो, कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। कानपुर नगर में इस योजना के तहत उपचार के लिए नौ अस्पताल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें वेदान्ता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशीर्वाद हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड, उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा रामा हॉस्पिटल शामिल हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही राहवीर योजना एवं प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

बैठक में पुलिस उपायुक्त (यातायात) रविंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (नगर) आलोक कुमार गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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