कानपुर , मार्च 03 -- कानपुर पुलिस की साइबर सेल सेंट्रल जोन ने फर्जी लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी एवं जीएसटी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त तथा पुलिस उपायुक्त सेंट्रल के निर्देशन में की गई कार्रवाई में यह खुलासा हुआ कि गिरोह भोले-भाले लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम से फर्जी फर्में और बैंक खाते खोलकर बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन कर रहा था।
दरअसल आरके नगर निवासी अनुराग वर्मा ने थाना नजीराबाद से शिकायत की थी कि उन्होंने बहन के विवाह के लिये लोन लेने के प्रयास किया था जिस पर जालसाजों ने उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और हस्ताक्षरित कोरे दस्तावेज प्राप्त कर लिए। बाद में पता चला कि इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी में किया जा रहा है।
शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने तकनीकी एवं वित्तीय जांच शुरू की। बैंक खातों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), आईपी लॉग्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर संदिग्ध लेन-देन सामने आए। जांच में पता चला कि गिरोह कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर जरूरतमंद लोगों से आधार, पैन, फोटो और हस्ताक्षरित दस्तावेज लेता था। उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराया जाता था और बैंक खाते खोले जाते थे। खातों में वास्तविक मोबाइल नंबर की जगह अन्य नंबर दर्ज कर संचालन किया जाता था, ताकि पीड़ितों को जानकारी न हो।
जिन व्यक्तियों के नाम पर फर्में खोली गईं, उनमें छात्र, ई-रिक्शा चालक और निजी नौकरी करने वाले लोग शामिल हैं। इन सभी को अपने नाम से फर्म संचालन या करोड़ों के लेन-देन की कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने बताया कि अब तक लगभग 250 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है। वित्तीय विश्लेषण में बड़े पैमाने पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी की पुष्टि हुई है। संबंधित जीएसटी विभाग के साथ समन्वय कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उन्होने बताया कि अब तक 38 फर्जी फर्मों की जानकारी सामने आई है। तीन फर्मों के खातों में 1.5 करोड़ रुपये की धनराशि फ्रीज कराई गई है। गिरफ्तार अभियुक्तों में कपिल मिश्रा (शैक्षिक योग्यता 12वीं, आईटीआई) और राज उर्फ अमर दीप (12वीं) शामिल हैं। गिरफ्तारी के दौरान 30 मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, 52 चाबियां, 12 फर्मों के साइन बोर्ड, विभिन्न बैंकिंग दस्तावेज, 15 चेकबुक, मोहर, एटीएम कार्ड, किरायानामा, फर्म पंजीकरण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण तथा 1.5 करोड़ रुपये की फ्रीज धनराशि से संबंधित साक्ष्य बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। जीएसटी विभाग एवं अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत जांच की जा रही है।
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