कानपुर , मई 27 -- कानपुर नगर पुलिस की साइबर क्राइम थाना और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक तथा ठगी से अर्जित नकदी बरामद की है।
पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि मामले की शुरुआत तब हुई जब वरुण सोनकर नामक युवक ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उसके परिचित साहिल यादव ने ऑनलाइन काम कर धन कमाने का लालच देकर उससे बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग संसाधन प्राप्त कर लिए। बाद में उसके खाते में करीब 13 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन पाए गए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस संबंध में थाना साइबर क्राइम कमिश्नरेट कानपुर नगर में मुकदमा दर्ज किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने, सस्ते दामों पर सामान दिलाने, ऑनलाइन कमाई, आकर्षक ऑफर और भारी डिस्काउंट का लालच देकर जाल में फंसाते थे। गिरोह का सदस्य प्रशांत गुप्ता तकनीकी जानकारी का उपयोग कर फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट तैयार करता था, जिन्हें स्थानीय ब्रांड, ज्वेलरी और कपड़ा कारोबारियों के नाम से संचालित किया जाता था ताकि लोगों को संदेह न हो। वेबसाइटों में पेयू, कैशफ्री और नोब्रोकर जैसे पेमेंट गेटवे के लिंक जोड़े जाते थे।
पुलिस के अनुसार जब कोई व्यक्ति वेबसाइट पर खरीदारी या ऑफर लेने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी, सीवीवी नंबर और ओटीपी दर्ज करता था तो पूरा डाटा आरोपियों तक पहुंच जाता था। इसके बाद आरोपी चोरी की बैंकिंग जानकारी का इस्तेमाल कर रकम डिजिटल वॉलेट और विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करते थे तथा एटीएम के माध्यम से नकदी निकालकर आपस में बांट लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में साहिल यादव निवासी हितकारी नगर काकादेव कानपुर नगर, प्रशांत गुप्ता निवासी चंदले चौराहा काकादेव कानपुर नगर, आकाश सरोज निवासी काकादेव कानपुर नगर तथा मोहम्मद मेराज उर्फ मोहम्मद कैफ निवासी कौशांबी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 16 एटीएम और डेबिट कार्ड, सात बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, चार सिम कार्ड, विभिन्न बैंकिंग दस्तावेज, 2.99 लाख रुपये नकद तथा एक महिंद्रा एक्सयूवी-300 वाहन बरामद किया है। मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप चैट, बैंक खातों की जानकारी, फर्जी लेन-देन और कमीशन तय करने से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के कहने पर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें और किसी भी प्रकार के ऑनलाइन लालच या आसान कमाई के झांसे में न आएं। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
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