कानपुर , सितंबर 03 -- दक्षिणी कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरुवार को गोपालपुरम और जरौली फेज-2 के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। करीब 25 परिवारों के पानी के बीच फंसे होने की सूचना पर एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। प्रशासन की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हैं।
इससे पहले बुधवार देर रात संयुक्त मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह और तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने पांडु नदी के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली तथा राहत किट की व्यवस्था कराई।
गुरुवार को ग्राम पनका बहादुर नगर में भौती-पनका संपर्क मार्ग स्थित पुल के ऊपर से पांडु नदी का पानी बहने लगा। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने पुल पर बैरिकेडिंग कराकर आवागमन पूरी तरह बंद करा दिया। स्थानीय पुलिस को मौके पर सतर्क रहने और पुल से आवागमन प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चंद्र कुंडे ने भी मायापुरम और रविदासपुरम के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और सुरक्षा के दृष्टिगत जलभराव वाले इलाकों में रह रहे लोगों को निकट स्थित बाढ़ आश्रय स्थल श्री विशम्भर नाथ ठाकुर इंटर कॉलेज में पहुंचने के लिए प्रेरित किया।
बाढ़ आश्रय स्थल पर प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन का संचालन शुरू कर दिया गया है, जहां प्रतिदिन करीब 400 लोगों को भोजन कराया जा रहा है। प्रशासन पांडु नदी के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।
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