कानपुर , अक्टूबर 13 -- औद्योगिक नगर कानपुर में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि से कराया जाएगा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मंगलवार को संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यों का एक सप्ताह में सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट और कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय में आयोजित जिला खनिज फाउंडेशन समिति की बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और पर्यावरण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि डीएमएफ निधि से प्राप्त धनराशि का 70 प्रतिशत खनन से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में और 30 प्रतिशत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार खर्च किया जाए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों की आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य कराए जाएं।

उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी प्राथमिक विद्यालयों को चिह्नित कर प्रधानाध्यापकों के माध्यम से आवश्यक कार्यों का सत्यापन कराया जाए। साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से विद्यालयों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कराकर मूलभूत सुविधाओं की जरूरतों का आकलन किया जाए। इन क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों का भी सत्यापन कर आवश्यक कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को प्रस्तावित निर्माण एवं सुधार कार्यों की रूपरेखा तैयार करने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आर्किटेक्ट का चयन करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आर्किटेक्ट के माध्यम से कार्यों की योजना तैयार कर सभी निर्माण एवं सुधार कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराए जाएं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य प्रस्तावित कार्यों का सत्यापन एक सप्ताह में पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिला खनन अधिकारी को भी डीएमएफ निधि से कराए जाने वाले कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना निर्धारित समय में प्रस्तुत करने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि जनपद में डीएमएफ निधि के तहत लगभग 3.84 करोड़ रुपये की धनराशि संग्रहित हुई है, जिसमें से खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब तक करीब 64 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने शेष धनराशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता आधारित कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विवेक चतुर्वेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला खनन अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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