लखनऊ/कानपुर , अक्टूबर 26 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर नगर के बिठूर में 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का संबंध बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों से है। इस दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा का जो संदेश दिया, वह युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण पर आधारित है। प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है।
योगी ने युवाओं से भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और किसी भी प्रकार के भेदभाव से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मन से ऊंच-नीच की दीवारें टूटने पर ही समरस समाज का सपना साकार होगा।
मुख्यमंत्री बिठूर में विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम के बाद लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट-2026 का शुभारंभ भी करेंगे। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं का विस्तार, निवेश और नवाचार के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन 'नए उत्तर प्रदेश' के विकास की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि समिट के दौरान वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले समझौता ज्ञापनों (एमओयू) से तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और उच्च कौशल आधारित रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और युवाओं को प्रदेश में ही वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के साथ ज्ञान, मर्यादा और लोककल्याण की परंपरा का भी प्रतीक है। आज विज्ञान और तकनीक के माध्यम से इसी ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युवाओं की प्रतिभा को नए अवसरों से जोड़ने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में विरासत के सम्मान, विज्ञान और विकास को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिलने के कारण निवेश और रोजगार के अवसरों के विस्तार में चुनौतियां थीं। वर्तमान में बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजिटल बुनियादी ढांचे और निवेशोन्मुख नीतियों के माध्यम से प्रदेश में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।
योगी ने कहा कि भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं तकनीकी विकास के क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना विरासत, शिक्षा, कौशल और तकनीक के समन्वय पर आधारित है, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में उसकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।
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