नागपुर , सितंबर 16 -- काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को देश के आदिवासी स्कूलों की कथित जर्जर स्थिति और उपेक्षा के खिलाफ "फिक्स ट्राइबल स्कूल्स" ( आदिवासियों के स्कूल ठीक करो) नाम से एक राष्ट्रीय अभियान शुरू करने की घोषणा की।
श्री दीपके ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाते हुए कहा कि आजादी के आठ दशकों बाद भी आदिवासी छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों की लगातार अनदेखी हो रही है।
श्री दीपके ने बताया कि इस देशव्यापी अभियान की शुरुआत गुरुवार को पूर्वी महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से होगी, जबकि उनके सहयोगी कार्यकर्ता आशुतोष गुजरात से इस पहल की शुरुआत करेंगे। यह अभियान देशभर के आदिवासी क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं का मूल्यांकन करेगा तथा सरकारों पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए दबाव बनाएगा। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों में शानदार प्रदर्शन करने की अपार क्षमता है, लेकिन शिक्षा प्रणाली की कमियों से उन्हें सही मौके नहीं मिल पा रहे हैं।
सीजेपी प्रमुख ने दावा किया कि अकेले महाराष्ट्र में 590 आदिवासी छात्रों की मौत हुई है, जो उनकी भलाई और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि देश के लगभग 700 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों में से केवल 300 ही स्थायी परिसरों में चल रहे हैं, जबकि शेष किराए के भवनों से संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, इस क्षेत्र में लगभग 28,000 पद रिक्त पड़े हैं और आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
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