ऋषिकेश , अगस्त 01 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान परमार्थ निकेतन द्वारा शनिवार को बाघखाला स्थित राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सेवा, स्वच्छ पेयजल एवं जन-जागरूकता शिविर संचालित किया जा रहा है।
29 जुलाई से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुए इस सेवा अभियान के तहत प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा, प्राथमिक उपचार, आवश्यक दवाइयां और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती के मार्गदर्शन में संचालित शिविर में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वयंसेवकों की टीम सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक लगातार 12 घंटे यात्रियों की सेवा में जुटी हुई है। शिविर में पैदल यात्रा के दौरान थकान, पैरों में छाले, सूजन, मांसपेशियों के दर्द और निर्जलीकरण जैसी समस्याओं से पीड़ित श्रद्धालुओं का उपचार किया जा रहा है। साथ ही उन्हें पर्याप्त पानी पीने, संतुलित आहार लेने और सुरक्षित यात्रा के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
परमार्थ निकेतन द्वारा विभिन्न जल मंदिरों के माध्यम से कांवड़ यात्रियों को लगातार स्वच्छ एवं शीतल पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रद्धालुओं को साबुन वितरित कर स्वच्छता अपनाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन, स्वच्छता और संस्कारों का भी महापर्व है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं, उसी प्रकार धरती मां की रक्षा के लिए वृक्षारोपण और जल संरक्षण का संकल्प भी लें। यदि प्रत्येक श्रद्धालु पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सेवा को अपनी यात्रा का हिस्सा बनाए, तो कांवड़ यात्रा राष्ट्रीय जनजागरूकता का प्रभावी अभियान बन सकती है।
उन्होंने कांवड़ यात्रियों से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बचने, कूड़ा इधर-उधर न फैलाने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण-अनुकूल यात्रा करने की अपील की।
बाघखाला में संचालित इस सेवा अभियान में परमार्थ निकेतन, डिवाइन शक्ति फाउंडेशन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखंड तथा केयर नर्सिंग कॉलेज, हरिद्वार की टीम सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है।
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