मेरठ , जुलाई 20 -- आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार आस्था और जन सुविधा के बीच संतुलन बनाने की रणनीति तैयार की है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को राहत देने के लिए दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर सामान्य वाहनों का आवागमन निर्बाध जारी रहेगा। इन दोनों मार्गों पर कांवड़ यात्रियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा और इसके लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।

सोमवार को मेरठ स्थित आयुक्त कार्यालय में मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। करीब दो घंटे चली इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी ऑनलाइन शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बार यात्रा का संचालन इस तरह किया जाएगा कि श्रद्धालुओं की आस्था भी अक्षुण्ण रहे और आम लोगों का दैनिक जीवन भी न्यूनतम प्रभावित हो।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पिछले वर्षों के अनुभवों और मुजफ्फरनगर में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आपत्तिजनक वस्तुओं पर पूर्व की भांति प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।

समीक्षा बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रियों के लिए सुरक्षा, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जा रही है, जबकि प्रमुख एक्सप्रेस वे को सामान्य यातायात के लिए खुला रखकर यात्रा के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक के बाद मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक प्रेस से संक्षिप्त बातचीत कर लखनऊ रवाना हो गए।

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