टिहरी , जुलाई 24 -- उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने मुनिकीरेती, तपोवन तथा कांवड़ यात्रा मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद नगर पालिका सभागार, मुनिकीरेती में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकी पुल, मुनिकीरेती, तपोवन, रामझूला पुल, लक्ष्मण झूला और बजरंग सेतु सहित प्रमुख कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान बताया गया कि यात्रा अवधि में रामझूला पुल को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा। जिलाधिकारी खण्डेलवाल ने घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने, गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी करने, समय रहते चेतावनी प्रसारित करने तथा सभी ड्यूटी स्थलों पर कार्मिकों की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलों में किसी भी प्रकार की क्षति होने पर तत्काल मरम्मत कराने को कहा।
जिलाधिकारी ने लक्ष्मण झूला, जानकी सेतु और बजरंग सेतु पर व्यू-कटर लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को पुलों पर रुककर फोटो और वीडियो बनाने से रोका जाए, ताकि भीड़भाड़ न हो और आवागमन सुचारु बना रहे। उन्होंने यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग, नियमित सफाई और प्रभावी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने ढालवाला, चंद्रभागा और मुनिकीरेती पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर वहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी, बैरिकेडिंग और स्वच्छता की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। पार्किंग स्थलों पर रेट सूची प्रदर्शित करने तथा पार्किंग पर्ची पर स्थल का नाम और संपर्क नंबर अंकित करने को भी कहा गया। इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर स्मार्ट, मोबाइल और पिंक टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और नगर निकायों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
भद्रकाली क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एलईडी स्क्रीन आई-लेवल पर लगाने, रैन बसेरा संचालित रखने, प्रमुख स्थानों पर साइनेज, खोया-पाया केंद्र और चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी खण्डेलवाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों को यात्रा प्रारंभ होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी करने, 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित करने तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
बैठक में विद्युत सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्य सुरक्षा, होटल एवं ढाबों में साफ-सफाई, रेट सूची, पार्किंग, यातायात और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। विद्युत विभाग को सभी पोल और ट्रांसफार्मरों का सुरक्षा ऑडिट कराने, सिंचाई विभाग को घाटों पर सुरक्षा चेन लगाने, वन विभाग को यात्रा मार्ग पर बाधक पेड़ों की लॉपिंग-चॉपिंग कराने तथा नीर वाटर फॉल को अस्थायी रूप से बंद रखने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चौबे ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए क्यूआरटी टीमों को सक्रिय रखा जाएगा।
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