बेंगलुरु , अप्रैल 21 -- कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि सरकार को कथित साइबर अपराध और काले धन को वैध बनाना मामले के सिलसिले में विधायक एन.ए. हैरिस के पुत्रों से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी)की गई छापेमारी की सच्चाई सामने लाए जाने की ज़रूरत है।

श्री परमेश्वर ने कहा कि तलाशी के आधार पर स्पष्टता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के पीछे के हालात को ठीक से समझाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "ईडी ने विधायक एन.ए. हैरिस के पुत्रों के घर पर छापा मारा। हमें इस छापेमारी का कारण जानने की ज़रूरत है।"उन्होंने बताया कि व्यापक बिटकॉइन से जुड़े मामले के सिलसिले में पहले ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है, जिसकी रिपोर्ट अभी अभी आनी बाकी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,ईडी ने पूरे कर्नाटक में कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसमें शांतिनगर के विधायक के बेटों - मोहम्मद हैरिस नलपाड़ और उमर फारूक नलपाड़ के आवास और उनसे जुड़े अन्य ठिकाने भी शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई 'धन शोधन निवारण अधिनियम' (पीएमएलए) के तहत चल रही एक जाँच का हिस्सा है, जो एक साइबर अपराध और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े नेटवर्क में कथित तौर पर अपराध से हासिल की गयी रकम से संबंधित है।

यह मामला कर्नाटक पुलिस द्वारा हैकिंग, बिटकॉइन चोरी, जबरन वसूली और संबंधित अपराधों के संबंध में दर्ज की गई प्राथमिकी और आरोपपत्र से जुड़ा है। जाँचकर्ताओं ने आरोपी 'श्रीकी' (श्रीकृष्ण रमेश) को इस कथित नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार बताया है।

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