जयपुर , जुलाई 18 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर सोनम वांगचुक पर अपनी राजनीति चमकाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर इंतजार करना और उस पर राजनीति करना, कांग्रेस का यह रवैया सही नहीं है।
श्री राठौड़ ने शनिवार को अपने बयान में कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता किसी भी नागरिक का जीवन बचाने की होती है, किसी का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना पूरी तरह उचित निर्णय है। किसी की जान पर राजनीति करना विकृत मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते थे कि वांगचुक का स्वास्थ्य और बिगड़ जाये ताकि बाद में सरकार को घेरकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके।
उन्हांन कहा कि उन्हें आमरण अनशन जैसा कदम उठाने से पहले गंभीरता से विचार करना चाहिए। किसी भी मांग पर चर्चा और बहस लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति का जीवन सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर हाल में जीवन की रक्षा करना है और इसी उद्देश्य से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
श्री राठौड़ ने राजस्थानी भाषा को लेकर कहा , " भाजपा राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने के लिए प्रयासरत है। हम मराठी के साथ जर्मन, फ्रैंच, इटेलियन जैसी भाषा भी पढ़ाने के लिए तैयार है, तो राजस्थानी भाषा को पढ़ाने में हमें कोई दिक्कत नहीं है। राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए हमें इसे एक भाषा के तौर पर बनाना होगा। भाषा को मान्यता दिलाने के लिए पहले भाषाविदों को विभिन्न बोलियों को लेकर व्यापक सहमति बनानी होगी।"उन्होंने कहा कि मेवाड़ी, मारवाड़ी सहित अलग-अलग क्षेत्रों में शब्दों और बोलियों में अंतर है, यदि भाषाविद् इन्हें एक स्वरूप देने की दिशा में काम करें तो मान्यता में आसानी होगी।
श्री राठौड़ ने भाषा को लेकर विपक्ष की ओर से उठाये गये सवाल पर कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही लेकिन उस दौरान राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब कांग्रेस राजनीति करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने केवल दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने का काम किया है, जबकि भाजपा राजस्थानी भाषा के सम्मान और उसकी मान्यता के लिए प्रयासरत है।
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