जयपुर , अक्टूबर 16 -- राजस्थान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा है कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहती है, जो उसके नैतिक मूल्यों के पतन की पराकाष्ठा है।
श्री राठौड़ शुक्रवार को अपने बयान में कांग्रेस पर यह आरोप लगाते हुए कहा कि रिजीम चेंज, प्रतिरोध और संसद नहीं, सड़क से ही रास्ता निकलता है' जैसे बयान स्पष्ट करते हैं कि अराजकता के माध्यम से भारत की विकास यात्रा को बाधित करने का निंदनीय प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता भी कांग्रेस की इस नकारात्मक और अराजक राजनीति को भली-भांति समझती है। प्रदेश में कांग्रेस के शासनकाल के अनुभवों को देखते हुए जनता जानती है कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए भ्रम फैलाने और विरोध की राजनीति करने से विकास नहीं होता। हिंसा, अराजकता और बंगलादेश जैसी स्थिति पैदा करने की राजनीति करने वाली कांग्रेस ने महात्मा गांधी का नाम लेने का नैतिक अधिकार खो दिया है।
श्री राठौड़ ने कहा कि बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर ने जो संविधान हमें दिया है, वह सत्ता परिवर्तन का अधिकार वोट के माध्यम से जनता को देता है, न कि सड़क पर गुडंई करने वालो कों। कांग्रेस ने पहले भी कभी बाबा साहब का सम्मान नहीं किया और आज भी कांग्रेस उनके संविधान को नहीं मानती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी को 'हाइड्रोजन बम' बताकर देशभर में शोर मचाया लेकिन उनके दावे कोई ठोस परिणाम सामने नहीं ला सके। कांग्रेस मतदाता सूची के खिलाफ एक भी अपील दाखिल नहीं कर सकी, ऐसे में उसके आरोपों की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1993 से पहले भी देश में लंबे समय तक मतदाता पहचान पत्र के बिना चुनाव होते रहे हैं, जबकि मतदाता पहचान पत्र की व्यवस्था लागू होने के बाद कांग्रेस अपने दम पर लोकसभा में सरकार नहीं बना सकी है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल में आयोग की नियुक्तियों और निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों का जवाब देना चाहिए।
श्री राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के भीतर आपसी अविश्वास और गुटबाजी इस कदर हावी है कि उसके नेता एक-दूसरे का विरोध करते हुए मौखिक ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्तर पर भी भिड़ते दिखाई देते हैं। राजस्थान में भी कांग्रेस को जनता के मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। कांग्रेस में चल रही आपसी खींचतान और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बाहर निकलकर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
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