हैदराबाद , अप्रैल 19 -- तेलंगाना में भुवनागिरी के सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने रविवार को कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसका चुनावी फ़ायदे के लिए राजनीतिकरण कर रही है।
श्री रेड्डी ने वीडियो बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिलाओं पर हालिया टिप्पणी तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक फ़ायदा उठाने के मकसद से की गई थी। उन्होंने 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए केंद्र की आलोचना की और दावा किया कि यह चुनावी फ़ायदे को ध्यान में रखकर किया गया था।
श्री रेड्डी ने बताया कि श्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि परिसीमन 2027 की जनगणना के बाद ही होने वाला है। उन्होंने सवाल किया कि 2023 में पारित हुआ महिला आरक्षण अधिनियम 2024 के बाद भी लागू क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, ''दो सांसदों को छोड़कर, सभी 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने पर आम सहमति बन गई है। अगर इसे तुरंत लागू भी कर दिया जाए, तो भी हमें कोई एतराज़ नहीं है।''उन्होंने साफ़ किया कि कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन महिला आरक्षण के खिलाफ़ नहीं हैं, लेकिन परिसीमन प्रक्रिया को लेकर उन्हें गंभीर चिंताएँ हैं। उन्होंने कहा, ''अगर परिसीमन किया जाता है, तो यह सभी राजनीतिक पार्टियों से सलाह-मशविरा करके और इस तरह से किया जाना चाहिए कि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच असंतुलन न हो।''श्री रेड्डी ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक फ़ायदों के अनुसार और सत्ता में बने रहने के लिए परिसीमन प्रक्रिया में हेरफेर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने केंद्र से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा तय किए गए तरीकों का अनुसरण करने और एक सही एवं संतुलित तरीका सुनिश्चित करने की अपील की।
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