तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 02 -- कांग्रेस दो से आठ अक्टूबर तक देशव्यापी 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान शुरू करेगी। इसमें लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए 'इंडिया' गठबंधन के प्रमुख राजनीतिक दल और नेता साथ आयेंगे।
इसकी जानकारी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को दी।
अदूर में संवाददाताओं से बातचीत में श्री वेणुगोपाल ने कहा कि यह सप्ताह भर चलने वाला अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव आयोग को व्यवस्थित रूप से कमजोर किये जाने के खिलाफ बड़ा राजनीतिक संघर्ष होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि 14 पत्रों के जरिये दो चुनाव आयुक्तों की उठायी गयी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने का काम करेगा।
उन्होंने कहा कि अभियान के तहत सांसद छह अक्टूबर को दिल्ली में मार्च का नेतृत्व करेंगे, जबकि आंदोलन को तेज करने के लिए नेता गिरफ्तारियां देंगे।
श्री वेणुगोपाल ने कहा कि केरल कांग्रेस ने श्री शाह के खिलाफ काले झंडे दिखाने के प्रदर्शनों सहित सरकारी दबाव के बीच भी जोरदार विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की अपनी क्षमता दिखायी है।
उन्होंने कहा, "लोगों के वोट देने के अधिकार पर मंडरा रहे इतने बड़े खतरों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।"उनके नाम को बार-बार विवादों से जोड़े जाने की रिपोर्टों पर श्री वेणुगोपाल ने कहा कि मीडिया का एक वर्ग कांग्रेस नेताओं के व्यक्तिगत मुद्दों में बेवजह उनका नाम घसीट रहा है।
उन्होंने कहा, "कुछ लोगों को कांग्रेस नेताओं की व्यक्तिगत राय को भी मेरे नाम से जोड़ने की जल्दबाजी रहती है। ऐसा बार-बार क्यों करते हैं? क्या आप लोगों ने काफी नहीं कर लिया? क्या आप और चाहते हैं? मुद्दा चाहे जो भी हो, कुछ लोगों को केसी वेणुगोपाल को आरोपी बनाना पसंद आता है।"श्री वेणुगोपाल ने कहा कि पिछले चार महीनों के दौरान उनका रुख यूडीएफ सरकार का समर्थन करने में सुसंगत रहा है और उन्होंने सरकार के खिलाफ किसी भी बयान को बढ़ावा नहीं दिया है।
भाजपा नीत सरकार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव में भाजपा सरकार को हराना ही उनका सबसे मुख्य उद्देश्य बना हुआ है।
उन्होंने कहा, "मैं इसके लिए जीवन में कोई भी त्याग करने को तैयार हूं।"कांग्रेस के भीतर मतभेदों पर वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व संगठन के भीतर चर्चा के जरिये ऐसे मुद्दों को सुलझायेगा।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस लोकतांत्रिक पार्टी है। यह ऐसी पार्टी नहीं है, जो भिन्न विचार रखने वाले लोगों के टुकड़े कर दे और उन्हें खत्म कर दे। अलग राय रखने वालों की बात उनके लिए उपलब्ध मंचों पर सुनी जायेगी।"उन्होंने दोहराया कि संगठनात्मक मामलों पर सार्वजनिक रूप से नहीं बल्कि पार्टी के भीतर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही साफ कर चुके हैं।
वेणुगोपाल ने कहा, "ऐसे मामलों पर चर्चा करने के लिए कांग्रेस के भीतर मंच हैं। अगर वे वहां नहीं सुलझते हैं तो उन्हें नेतृत्व के ध्यान में लाने का भी अवसर है।"केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष की नियुक्ति के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि सनी जोसेफ प्रदेश इकाई के एक मजबूत अध्यक्ष हैं।
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