चेन्नई , अगस्त 22 -- तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा सांसद बी. मणिकम टैगोर ने बैंक खातों से नकदी निकालने पर प्रस्तावित शुल्क लगाने के लिये केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और सरकार से इस शुल्क को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार गरीब और कमजोर वर्गों पर वित्तीय बोझ डाल रही है।

उन्होंने यहां एक बयान में कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को अनावश्यक शुल्कों के बिना बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने के लिये मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान 2005 में बुनियादी बैंक खाते शुरू किए गये थे। इनके बाद भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री जन धन योजना कर दिया था।

कांग्रेस नेता श्री टैगोर ने शनिवार को दावा किया कि ऐसे 56 करोड़ खाते खोले गये हैं, जिनमें से 53 करोड़ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा खोले गये हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक अब खाताधारकों पर बार-बार नकदी निकालने के लिये जुर्माना लगाने की ओर बढ़ रहे हैं।

श्री टैगोर ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एक कथित फैसले का हवाला देते हुये कहा कि ग्राहकों से महीने में चार से अधिक बार नकद निकालने पर 15 रुपये का शुल्क लिया जायेगा, जिसमें 18 प्रतिशत जीएसटी शामिल होने से कुल शुल्क 17.70 रुपये प्रति लेनदेन हो जायेगा। उन्होंने दावा किया कि इस कदम को नियामक मंजूरी मिल चुकी है और यह प्रस्तावित शुल्क एक अक्टूबर से लागू हो जाएंगे।

श्री टैगोर ने कहा कि अन्य बैंक भी इस कदम का अनुसरण कर सकते हैं, जिससे संभावित रूप से उन लोगों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है जो अपने दैनिक लेनदेन के लिये नकदी पर निर्भर हैं।

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