रायपुर, फरवरी 06 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजीव भवन में एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) के नाम पर मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम विलोपन को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश के तहत किया जा रहा है।

शुक्रवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा कि इस प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल बनाया गया है, जिससे गरीब, अल्पसंख्यक, ग्रामीण और कमजोर वर्ग के मतदाता प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लंबे समय से वोट चोरी के मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही हैं।

श्री साहू ने अभनपुर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि 719 ऐसे मतदाता, जो जीवित हैं और अपने मूल निवास पर रह रहे हैं, उनके नाम सूची से विलोपित किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा पदाधिकारी बूथ स्तरीय अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के खिलाफ गलत रिपोर्ट दर्ज कराई जा सके। उन्होंने इसे निर्वाचन प्रक्रिया से छेड़छाड़ और आपराधिक कृत्य बताया।

रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन और कवर्धा अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने भी अपने जिलों में इसी तरह की गड़बड़ियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र सरकार के इशारे पर अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं को लक्षित कर रहा है।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि दोषी पाए जाने वाले भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, विलोपित किए गए सभी जीवित और निवासी मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह मामला अभनपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में ऐसा होने की आशंका है।

धनेन्द्र साहू ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की आत्मा है और बिना कारण मतदाता सूची से नाम काटना लोकतंत्र की हत्या के समान है। पार्टी ने चेतावनी दी कि वह इस साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी और हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

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