जयपुर , अक्टूबर 12 -- राजस्थान में कांग्रेस नेताओं ने भरतपुर जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की एक हमले में मौत के बाद राज्य सरकार पर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक श्री भड़ाना की हत्या हो गयी। यह राजस्थान में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह चरमरा जाने का सबूत है। जब एक पूर्व विधायक को दिनदहाड़े 70-80 लोग घेरकर मार दें, तो 'आम आदमी का तो राम ही रखवाला है इस राज में।'श्री गहलोत ने कहा कि खबरों के अनुसार यह विवाद करीब दो साल से चल रहा था। दो साल तक पुलिस और प्रशासन क्या करता रहा। जब चेतावनी साफ थी, तब कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यह हत्या पुलिस-प्रशासन की नाकामी का नतीजा है। जिस सरकार में अपने ही पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं, वह जनता को सुरक्षा का भरोसा कैसे दे सकती है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि श्री भड़ाना की लाठी-पत्थरों से पीटकर हत्या की घटना अत्यंत दुःखद और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। श्री डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में जब पूर्व विधायक और जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं, आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा। खनन विवाद में दिनदहाड़े हिंसा, डेढ़ घंटे तक पथराव और पूर्व विधायक की हत्या बताती है कि प्रदेश में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है।

उन्होंने मांग करते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से कानून-व्यवस्था नहीं सुधरेगी। इस मामले में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।

नेता प्रतिपक्ष टीकराम जूली ने कहा कि श्री भड़ाना की लाठी-पत्थरों से पीटकर हत्या की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। श्री जूली ने कहा " मुख्यमंत्री जी, आखिर कब तक जनता अपराध, भय और असुरक्षा का दंश झेलती रहेगी। आखिर कब तक सरकार कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ती रहेगी। मुख्यमंत्री जी, जवाब दीजिए कि आखिर राजस्थान में कानून का राज है या दबंगों और माफियाओं का। यह घटना साफ बताती है कि सरकार और पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के सामने घुटने टेक दिए हैं।"उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों में कानून का भय पैदा करना सरकार की जिम्मेदारी होती है लेकिन पुलिस को तो जनता में भय पैदा करने और पार्षदों को पकड़कर उन पर दबाव बनाने में लगा रखा है, क्योंकि पार्षदों की चोरी करके उन पर दबाव बनाकर गांवों में सरकार बनाने का सपना देखा जा रहा हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि खनन विवाद के कारण श्री भडाना की लाठी पत्थरों से हमला कर हत्या किए जाने की खबर बेहद चिंताजनक है, यह घटना प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। श्री पायलट ने मांग करते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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