जयपुर , अक्टूबर 07 -- राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने जो व्यवहार किया वह निदंनीय हैं और कांग्रेस पार्टी गांव-गांव मंडल-मंडल जाकर लोगों को जागरूक कर देश में हो रही बेईमानी का पर्दाफाश करेगी।
श्री पायलट ने बुधवार को यहां पंचायत चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आरोप लगाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि क्या चुनाव आयुक्त राष्ट्रपति से बड़े हैं, उनका काम है लोकतंत्र को बचाना। अगर 250-300 सांसद मिलना चाहते थे तो दो से पांच से या 10 से मिल सकते थे। श्री राहुल गांधी को उठा कर थाने बंद कर दिया गया। यह पूरी तरह तानाशाही है। संवाद हो, सवाल जवाब हो। संसद में बोलेंगे नहीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे नहीं और निर्वाचन आयोग जो लोकतंत्र और वोट बचाने की संस्था है। अभी तक तो यहां हुई थी नोटबंदी, अब यह की जा रही हैं वोटबंदी।
उन्होंने कहा कि हम लोग सिर्फ अपनी पार्टी की बात नहीं कर रहे। भविष्य में जमूरियत जिंदा रहे। लोकतंत्र में सबसे बड़ा जो तोहफा हमारे संविधान ने दिया है। वोट का अधिकार दिया है। 13 करोड़ 30 लाख लोगों के नाम काट दिए गए और हम घर बैठे रह। ऐसा होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी दो महीने का कांग्रेस का कार्यक्रम है कि गांव-गांव मंडल-मंडल जाकर लोगों को जागरूक करेंगे और जो बेईमानी उन्होंने की है उसका पर्दाफाश करेंगे।
श्री पायलट ने कहा कि प्रदेश में जो हाल है वह देश से अलग नहीं है और कल बड़ी विचलित करने वाली तस्वीरें हम लोगों ने देखी जब इस देश में जिस संस्था को हमारे गणतंत्र और लोकतंत्र को मजबूत और निष्पक्ष बनाने की जिम्मेदारी दी है। उस संस्था के जो मुखिया हैं जब सरेआम यह स्थापित हो चुका कि उन्होंने गैर कानूनी गैर संवैधानिक कदम उठाकर एसआईआर किया और अपने ही निर्वाचन आयोग के सदस्य की अवहेलना करके कानून बनाये, उनके खिलाफ जब सड़क पर पूरा देश उतरा और श्री राहुल गांधी वहां पर गये और जिस प्रकार से नेता प्रतिपक्ष के साथ जो व्यवहार हुआ, वह आज तक कभी नहीं किया गया होगा। पहले भी भाजपा के नेता प्रतिपक्ष रहे सुषमा स्वराज रही, अटल बिहारी वाजपेयी रहे लेकिन यह जो व्यवहार कल किया दिल्ली पुलिस ने वह निंदनीय है।
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