रायपुर , मई 26 -- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना के सामने कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा। धरने में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
धरने पर बैठे श्री सिंहदेव ने पुलिस प्रशासन पर "अड़ियल रवैया" अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि "शाम छह बजे तक यदि हमारी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो मैं भूख हड़ताल पर बैठूंगा।"दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ कथित धमकी, गाली-गलौज और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इसी प्राथमिकी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता थाने के सामने धरना दे रहे हैं।
धरना स्थल पर मीडिया से चर्चा करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा, "अगर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है तो क्या हथियार चलाया। क्या हथियार पाया गया। क्या कोई हथियार बरामद किया गया।" उन्होंने कहा कि पार्टी के लोग जब इस संबंध में जानकारी मांग रहे हैं तो पुलिस केवल यह कह रही है कि जांच जारी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि "चुनाव की प्रक्रिया में कांग्रेस के साथियों को परेशान करने के लिए यह एफआईआर दर्ज की गई है।"प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के दौरान श्री बैज ने कहा, "हम भी सत्ता में रहे हैं, थानेदार का पावर जानते हैं। झीरम घाटी में गोलियां खाई हैं। बिना जांच के आर्म्स एक्ट की धारा कैसे लगा दी गई, इसका जवाब पुलिस को देना चाहिए।"उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता "एनएसए जैसी धाराओं से भी डरने वाले नहीं हैं" लेकिन किसी भी कार्रवाई से पहले निष्पक्ष जांच जरूरी है। बैज ने चेतावनी दी कि आर्म्स एक्ट की धाराएं वापस नहीं ली गईं तो धरना जारी रहेगा।
धरने में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारस नाथ राजवाड़े और अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। देर रात तक कांग्रेस कार्यकर्ता थाना परिसर के सामने चटाई और दरी बिछाकर डटे रहे। एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर सिंहदेव, अंबिकापुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद, सूरजपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता धरने में शामिल रहे।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह प्राथमिकी दर्ज की गई है। पार्टी ने प्राथमिकी वापस लेने और मामले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में सरगुजा जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, बलरामपुर जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, कोरिया जिलाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, एमसीबी जिलाध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव सहित नरेश राजवाड़े, अखिलेश प्रताप सिंह और नवीन जायसवाल को शामिल किया गया है।
कांग्रेस के अनुसार शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के प्रतिष्ठान पहुंचे थे, जहां चुनावी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि मित्तल पांडेय ने नरेंद्र जैन को उकसाया और सत्ता का हवाला देते हुए झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली सोनी ने विश्रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि नरेंद्र जैन ने गाली-गलौज करते हुए मित्तल पांडेय पर कटार तान दी थी।
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