रायपुर , मार्च 29 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के धान संग्रहण केंद्रों में बड़ी मात्रा में धान खुले में पड़े रहने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया है कि कमीशन नहीं मिलने के कारण राज्य सरकार जानबूझकर मीलरों को धान जारी नहीं कर रही है, जिससे लाखों मीट्रिक टन धान केंद्रों में जाम स्थिति में पड़ा हुआ है।
श्री बैज के अनुसार प्रदेशभर में 24 लाख टन से अधिक धान संग्रहण केंद्रों में खुले में पड़ा है, जबकि उठाव नहीं होने से उसकी गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अकेले बेमेतरा जिले में ही 7 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान जमा है। उनका कहना है कि मीलर अनुबंध के तहत धान लेने को तैयार हैं, इसके बावजूद सरकार धान का वितरण नहीं कर रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि धान को लंबे समय तक खुले में रखने से नमी और मौसम के प्रभाव से उसकी गुणवत्ता में गिरावट आएगी और वजन में कमी भी होगी, जिससे सरकारी नुकसान बढ़ेगा। उन्होंने आशंका जताई कि बाद में धान खराब होने का ठीकरा अन्य कारणों पर फोड़ा जा सकता है।
श्री बैज ने यह भी कहा कि मीलरों और सरकार के बीच कमीशन को लेकर विवाद चल रहा है। मार्कफेड के जिला स्तर पर प्रबंधकों द्वारा कथित रूप से प्रति टन 20 रुपये की वसूली के बाद ही डीओ जारी किए जाने की बात सामने आ रही है, जिसके चलते धान उठाव प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार धान को रोककर बाद में नीलामी के माध्यम से कम कीमत पर बेचने की योजना बना रही है। बैज ने कहा कि यदि 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया धान 2000 रुपये में बेचा गया, तो इससे बड़े स्तर पर अनियमितता और कमीशनखोरी की आशंका है। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल धान उठाव सुनिश्चित करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
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