बांसवाड़ा , मई 15 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के काम करने की संस्कृति में बुनियादी अंतर बताते हुए कहा है कि कांग्रेस की सरकारें और कांग्रेस पार्टी हमेशा 'सेलेक्टिव' और 'इलेक्टिव' डेवलपमेंट पर काम करती हैं जबकि भाजपा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाती है।

श्री शेखावत शुक्रवार को बांसवाड़ा में भाजपा की संगठनात्मक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 'सेलेक्टिव डेवलपमेंट' का अर्थ है कि जो उनका मतदाता है या जो क्षेत्र उनको आगे बढ़ाता है, सिर्फ उस क्षेत्र के लिए काम करना। वे केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं। 'इलेक्टिव डेवलपमेंट' का अर्थ है कि जहां 100 जगहों पर काम किया जा सकता है, वहां चुन-चुनकर केवल एक-एक आदमी को ढूंढकर उसे सशक्त बनाना और केवल उसी नीति से काम करना, जबकि भाजपा में हमारे संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में रोशनी करने के लिए हम सब अनथक परिश्रम करेंगे।

उन्होंने कहा कि दीनदयालजी का यह आदर्श अगर किसी के जीवन में पूरी तरह उतरा तो वह श्री भैरों सिंह शेखावत थे, जिनकी पुण्यतिथि आज हम सब मना रहे हैं। भैरों सिंह हमारे आदर्श इसलिए हैं, क्योंकि दीनदयाल ने जिस तरह के कार्यकर्ता और नेतृत्व की कल्पना की थी, वे शत-प्रतिशत गुण अगर किसी एक व्यक्ति के जीवन में उतरे तो वह भैरों सिंह थे।

कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की अगर सरकार होती है तो वह एक सड़क बनाने की घोषणा करती है और घोषणा करके चुनाव में जाती है कि हम सड़क बनाएंगे। अगला चुनाव आता है, तब उसका टेंडर करके चुनाव में जाते हैं। तीसरा चुनाव जब आता है, तब उसकी गिट्टी (मेटल) डालकर फिर चुनाव में जाते हैं और वोट ले लेते हैं। चौथा चुनाव आता है, तब वे उस सड़क पर डामर बिछाकर उसका उद्घाटन करते हैं और फिर चुनाव में जाते हैं। यानी एक सड़क बनाने के नाम पर चार बार चुनाव।

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