किंशासा , जून 12 -- कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला के पुष्टिकृत मामलों की संख्या बढ़कर 676 हो गयी है, जिनमें 136 लोगों की मौत हो गयी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लगातार हो रहे कम्युनिटी ट्रांसमिशन और इस महामारी के अचानक अन्य भौगोलिक क्षेत्रों में फैलने के खतरे की चेतावनी दी है।
डीआरसी के स्वास्थ्य अधिकारियों की गुरुवार को जारी नवीनतम स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को इतुरी और उत्तरी कीवू प्रांतों में 41 नये पुष्ट मामले सामने आये हैं, जिनमें नौ मौतें शामिल हैं।
इबोला वायरस के 'बुंदीबुग्यो स्ट्रेन' के कारण फैली यह महामारी अब तक तीन पूर्वी प्रांतों इतुरी, उत्तरी कीवू और दक्षिणी कीवू के 29 स्वास्थ्य क्षेत्रों को प्रभावित कर चुकी है।
नवीनतम आधिकारिक मूल्यांकन में कहा गया है कि हफ्ते-दर-हफ्ते पुष्टिकृत मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, जो लगातार हो रहे कम्युनिटी ट्रांसमिशन की ओर इशारा करता है।
इसमें चेतावनी दी गयी है कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को तेजी से लागू नहीं किया गया तो इस महामारी के अचानक अन्य नये क्षेत्रों में फैलने की आशंका है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रभावित तीनों प्रांतों में इबोला मरीजों के संपर्क में आये 5,768 लोग निगरानी में हैं और वर्तमान में निगरानी की यह दर 71.8 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों की पहचान करने को मुख्य चुनौतियों में से एक बताया गया है। इसमें कहा गया है कि वर्तमान दर 95 प्रतिशत के निर्धारित लक्ष्य से कम है। इससे संक्रमण की शृंखला को तोड़ने के प्रयासों पर असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में इबोला के दो मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है, जिससे ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गयी है।
डीआरसी में इबोला का यह मौजूदा प्रकोप आधिकारिक तौर पर 15 मई को घोषित किया गया था। साल 1976 में इस बीमारी की पहली बार पहचान होने के बाद से यह देश में इबोला का 17वां प्रकोप है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित प्रांतों की कुल आबादी लगभग 1.5 करोड़ है और यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर लोगों के पलायन तथा पड़ोसी देशों की ओर सीमा पार आबादी की आवाजाही के लिए जाना जाता है।
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