कांकेर , अगस्त 01 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मिट्टी में दबने से मौत हो गई। मजदूर के लापता होने के चार दिन बाद उसी स्थान पर दोबारा कराई गई खुदाई में उसका शव गड्ढे के भीतर बैठी हुई अवस्था में बरामद हुआ। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और जेसीबी चालक के साथ मारपीट की गई।
पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार, भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र की कच्चे चौकी अंतर्गत ग्राम हिंगनझर में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने एवं घरेलू कनेक्शन देने का कार्य चल रहा था। 28 जुलाई को 30 वर्षीय रामदेव आंचला पाइपलाइन की नाली में उतरकर घरेलू कनेक्शन जोड़ रहा था। इसी दौरान दूसरी ओर से गड्ढे में मिट्टी भरते हुए आगे बढ़ रहे जेसीबी चालक ने अनजाने में उस स्थान पर भी मिट्टी डाल दी, जहां रामदेव कार्य कर रहा था।
बताया गया कि मजदूर को बाहर निकलने या सहायता के लिए आवाज लगाने तक का अवसर नहीं मिला और वह मिट्टी में दब गया। घटना के समय अन्य मजदूर लगभग 20 से 40 मीटर की दूरी पर कार्यरत थे, जिसके कारण किसी को हादसे की जानकारी नहीं हो सकी। दोपहर के भोजन के समय रामदेव के नहीं पहुंचने पर सहकर्मियों ने उसकी तलाश शुरू की। मोबाइल फोन पर प्रारंभ में घंटी गई, लेकिन बाद में फोन बंद हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने भी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर कच्चे चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
इसके बाद 31 जुलाई को पुलिस, ग्रामीणों और सरपंच की मौजूदगी में उस स्थान पर दोबारा खुदाई कराई गई, जहां से रामदेव के लापता होने की आशंका थी। लगभग 10 मीटर खुदाई के बाद उसका शव गड्ढे के भीतर बैठी हुई अवस्था में मिला।
शव मिलने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने जेसीबी चालक के साथ मारपीट कर दी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामला शांत कराया।
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