सहारनपुर , मई 28 -- इस बार ईद उल अजहा पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया गया। नगर एवं जिले भर में कहीं भी मुसलमान भाइयों ने न तो सड़कों पर नमाज अदा की और न ही खुले में पशुओं की कुर्बानी की।

गौवध की कुर्बानी दिए जाने की भी कोई सूचना नहीं मिली। राज्य सरकार के निर्देशों का पुलिस-प्रशासन ने तो सख्ती से पालन कराया ही है। मस्जिदों और ईदगाहों के प्रबंधकों और उलेमा ने भी कानून-नियमों का अनुशासन के साथ पालन कराया। ईदगाहों के अलावा मस्जिदों एवं संस्थाओं के प्रागंण मैदानों में भी नमाज अदा की गई। सहारनपुर के मुख्य ईदगाह के मैदान पर करीब 35 हजार मुसलमानों ने नमाज अदा की। वहां शहर काजी नदीम अख्तर ने नमाज अदा कराई।

नगर की जामा मस्जिद में पांच हजार मुस्लिमों ने नमाज पढी। वहां इमाम मौलाना अरशद ने नमाज पढ़ाई। मजाहिर उलूम वक्फ एवं मजाहिर उलूम जदीद में भी नमाज हुई। ईदगाह पर जिलाधिकारी अरविंद चौहान एवं एसएसपी अभिनंदन सिहं, जामा मस्जिद के प्रबंधक मौलवी फरीद भी उपस्थित रहे।

डीएम अरविंद कुमार चौहान ने पत्रकारों को बताया कि नमाज के कारण कहीं भी ट्रैफिक संचालन में रुकावट पैदा नहीं हुई। देवबंद भी डीएम, एसएसपी लाव-लश्कर के साथ मौजूद रहे। उन्होंने व्यवस्थाओं को खुद संभाला। देवबंद ईदगाह में कारी मौहम्मद अफ्फान ने और देवबंद जामा माजिद में मुफ्ती बासिफ ने नमाज अदा कराई। पूरे जिले में बकरीद का त्यौहार अपूर्व शांति-सौहार्द के साथ मनाया गया। कुर्बानी का सिलसिला 30 मई की शाम तक चलेगा। करीब 15 फीसद मुस्लिमों ने पशुओं की कुर्बानी न करके उसके कीमत की रकम हकदार गरीबों को दान की। जिले भर में साफ-सफाई के अभूतपूर्व बंदोबस्त किए गए थे।

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