श्रीनगर , मार्च 26 -- आध्यात्मिक गुरु स्वामी कालिकानांद सरस्वती ने गुरुवार को कहा कि एक दशक के अंतराल के बाद कश्मीर में 15 से 24 जुलाई तक कुंभ मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें जाति, पंथ या लिंग के भेदभाव के बिना सभी धर्मों के लोगों की भागीदारी खुली रहेगी।

स्वामी कालिकानंद ने यहां संवाददाताओं को बताया कि बांदीपोरा जिले के शादीपोरा में 15 से 24 जुलाई तक कुंभ मेला का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य एकता और समावेशिता को बढ़ावा देना है तथा इसमें सहभागिता के लिए हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों, ईसाइयों और बौद्धों को आमंत्रित किया जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि कश्मीर में कुंभ का उद्देश्य धार्मिक और राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर सद्भाव को बढ़ावा देना है।

स्वामी कालिकानांद ने कहा कि इस आयोजन की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं, जिसमें पारंपरिक 'शाही स्नान' अनुष्ठान भी शामिल है, के संबंध में सेना और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ चर्चा की जा रही है। मुख्य अनुष्ठान 15 जुलाई से 24 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि जनता का समर्थन इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करेगा।

इससे पहले 2016 में कश्मीर में एक दिवसीय कुंभ मेला आयोजित किया गया था।

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