श्रीनगर , अगस्त 22 -- जम्मू-कश्मीर में पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी नौकरी से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में एक आदतन अपराधी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है।

अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी कि आरोपी पर जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल के जरिये नौकरी दिलाने का वादा करने और शिकायतकर्ता को धोखा देने का आरोप है।

पुलिस आर्थिक अपराध शाखा सूत्रों के अनुसार आरोपी की पहचान कुपवाड़ा के लश्तियाल कलारूस निवासी अब्दुल मजीद मीर के रूप में की गयी। अब्दुल के खिलाफ इस वर्ष धारा 420, 468, 471 और 201 आरपीसी के तहत दर्ज मामले में कुपवाड़ा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया था।

पुलिस ने जानकारी दी कि यह मामला एक लिखित शिकायत से संबंधित है जिसमें आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को सरकारी नौकरी दिलाने के बहाने लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने उक्त धोखाधड़ी के सिलसिले में शिकायतकर्ता को जम्मू-कश्मीर बैंक के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा जारी किया गया एक फर्जी और जाली नियुक्ति आदेश भी उपलब्ध कराया था।

उन्होंने कहा कि तलाशी के दौरान दर्ज किए गए तथ्यों और सबूतों के आधार पर जांच के निर्देश दिए गए। वहीं जांच के दौरान आरोप सिद्ध पाये गये, जिसके बाद मामले को सिद्ध मानकर निष्कर्ष निकाला गया। इसके परिणामस्वरूप, न्यायिक निर्णय के लिये आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने बताया कि मीर एक कुख्यात अपराधी है और कश्मीर घाटी में 15 अलग-अलग आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसे 18 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा के आर्थिक अपराध विंग, कश्मीर पुलिस स्टेशन के एक अलग मामले के सिलसिले में श्रीनगर की केंद्रीय जेल में बंद है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित