जम्मू , अगस्त 16 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि कश्मीरी पंडित समुदाय ने राष्ट्र-निर्माण, शिक्षा, दर्शन और संस्कृति में अद्वितीय योगदान दिया है।

मानवतावादी संगठन 'केपी वॉलंटियर्स' के स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए श्री सिन्हा ने कहा, "प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक, कश्मीरी पंडित समुदाय के विद्वानों, संतों और नेताओं ने देश की बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक नींव को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा के लिए संगठन के स्वयंसेवकों को सम्मानित किया।"उपराज्यपाल ने ज़रूरतमंदों की सेवा करने और करुणा, कर्तव्य एवं मानवता मूल्यों को बनाए रखने में संगठन के साढ़े छह साल के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सच्ची सेवा बिना किसी इनाम की उम्मीद के अपना कर्तव्य निभाने में ही निहित है।

उन्होंने कहा कि केपी स्वयंसेवक इस भावना का बेहतरीन उदाहरण हैं जिन्होंने कभी शोहरत या दौलत की चाह नहीं की बल्कि सेवा को एक पवित्र कर्तव्य माना। उपराज्यपाल ने याद किया कि इस संगठन की शुरुआत अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान हुई थी, जब स्वामी नंद बाब साहिब के जम्मू आश्रम द्वारा दान किए गए चावल के एक थैले ने निस्वार्थ सेवा क्रांति का बीज बोया था।

उन्होंने कहा कि तब से केपी वॉलंटियर्स, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में मानवीय सेवा के लिए एक भरोसेमंद मंच बन गया है। उन्होंने कहा, "मुझे गर्व है कि आपने दूसरों की भलाई को अपना मार्गदर्शक सिद्धांत बनाया है। मेरा मानना है कि केपी स्वयंसेवक इस बात का जीता-जागता सबूत भी है कि जब सेवा निस्वार्थ भाव से की जाती है, तो वह एक दीये से दूसरे दीये तक फैलने वाली रोशनी की तरह बढ़ती रहती है।"उपराज्यपाल ने कहा, "मैंने आपके संगठन द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों की उपलब्धियां देखी हैं और मैं कह सकता हूं कि ये आंकड़े आपकी निस्वार्थ सेवा के व्यापक प्रभाव की कहानी बयां करते हैं। हर आंकड़े के पीछे एक इंसान और एक ऐसी ज़िंदगी है, जिस पर आपकी मदद का असर पड़ा है।

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