खम्मम , जुलाई 11 -- तेलंगाना रक्षण सेना की प्रमुख कलवकुंतला कविता ने शनिवार को आरोप लगाया कि खम्मम जिले के सथुपल्ली में जेवीआर ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (ओसीपी) में उन्हें और हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के नेताओं को कर्मचारियों से बातचीत करने से रोके जाने के बाद कांग्रेस सरकार, सिंगारेनी प्रबंधन और मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियन श्रमिकों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

सुश्री कविता एचएमएस और टीआरएस नेताओं के साथ पुलिस की तैनाती और सिंगारेनी प्रबंधन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद जेवीआर ओसीपी पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को नेताओं से मिलने से रोकने के लिए परिसर के अंदर भेज दिया गया था।

कांग्रेस सरकार और मान्यता प्राप्त यूनियनों, एटक एवं इंटक दोनों के लिए "उल्टी गिनती शुरू होने" का दावा करते हुए सुश्री कविता ने उन पर सरकार के साथ मिलीभगत करने और श्रमिकों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।उन्होंने आरोप लगाया कि यूनियनों ने खराब कामकाजी परिस्थितियों, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व शैक्षिक सुविधाओं की कमी, घटिया उपकरण, अपर्याप्त आवास भत्ते और सेवानिवृत्त होने वाले श्रमिकों के आश्रितों को रोजगार देने सहित प्रमुख मुद्दों पर चुप्पी साध रखी है।

सुश्री कविता ने मांग की कि तेलंगाना सरकार सिंगारेनी के कथित 54,000 करोड़ रुपये के बकाये को जारी करे और इस बात पर भी जोर देकर कहा कि भविष्य की खुली खनन परियोजनाओं को निजी कंपनियों को सौंपने के बजाय सिंगारेनी के पास ही रखा जाना चाहिए। उन्होंने एक कोयला प्रबंधन संयंत्र का ठेका किसी तीसरे पक्ष को देने की भी आलोचना की और दावा किया कि इससे सिंगारेनी के सैकड़ों श्रमिकों के रोजगार प्रभावित हुए हैं। सुश्री कविता ने कहा कि पुलिस को सिंगारेनी परिसर के अंदर हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि इसका अपना सुरक्षा बल है। उन्होंने घोषणा की कि यात्रा में कथित रूप से बाधा डालने वालों के खिलाफ श्रम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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