रायपुर , फरवरी 21 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को आगामी बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति दे दी है। हालांकि, यह अनुमति तीन कड़ी शर्तों के साथ दी गई है, जिनका पालन करना श्री लखमा के लिए अनिवार्य होगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय ने इस संबंध में औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा निर्धारित शर्तों के मुताबिक, कवासी लखमा को विधानसभा आने और प्रस्थान करने की सटीक जानकारी पहले से विधानसभा सचिवालय को देनी होगी। दूसरी शर्त के तहत उन्हें अपना सक्रिय मोबाइल नंबर कार्यालय में जमा कराना होगा, ताकि किसी भी समय उनसे संपर्क किया जा सके। तीसरी और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि लखमा अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा नहीं करेंगे और न ही कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शर्तों का पालन न करने पर दी गई अनुमति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि श्री लखमा पर आबकारी घोटाले में लाभार्थी होने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, इस बार उन्हें सदन में भाग लेने की अनुमति तो दे दी गई है, लेकिन उन पर लगे आरोपों को लेकर वह सदन में चर्चा या भाषण नहीं दे सकेंगे। 'नो स्पीच' के तहत यह प्रतिबंध उन पर लागू रहेगा।
डॉ. सिंह के इस फैसले को राजनीतिक गलियारों में कई तरह से देखा जा रहा है। एक ओर जहां कांग्रेस के लिए यह राहत की बात है कि उनके विधायक को सदन में शामिल होने का मौका मिलेगा। वहीं दूसरी ओर कड़ी शर्तों ने उनके आने-जाने और गतिविधियों पर अंकुश लगा दिया है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि गिरफ्तारी और आबकारी घोटाले के मामले में वह विधानसभा में कोई चर्चा नहीं करेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सदन की गरिमा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की गरिमा और नियमों की रक्षा के लिए यह निर्णय लिया है। कवासी लखमा ने वार्ता को बताया कि "विधानसभा की ओर से सत्र में शामिल होने की बारे में उन्हें सूचना दी गई है वो सत्र में भाग लेंगे तथा तय नियमों का पालन करेंगे।" विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी शुरू होने वाला है, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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