कवर्धा , जुलाई 10 -- छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत निर्मित सड़क धंसने के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर कराई गई राज्य स्तरीय जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आने के बाद दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कार्यपालन अभियंता के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजने तथा संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले की जानकारी शुक्रवार को विभाग ने दी।
जिले के बोड़ला विकासखंड में दलदली मेन रोड से खारिया और अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क के धंसने की शिकायत मिलने पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने स्वयं मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की कोर कटिंग कराकर गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई गई।
जांच में पाया गया कि सड़क पर निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक, करीब 60 से 70 टन तक रेत से लदे भारी वाहनों का आवागमन हो रहा था, जबकि यह सड़क केवल 10 से 12 टन क्षमता वाले वाहनों के लिए बनाई गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि सड़क के शोल्डर निर्माण और कॉम्पैक्शन में तकनीकी खामियां थीं, जिससे बारिश का पानी सड़क की निचली परत तक पहुंच गया और सड़क धंस गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव भीम सिंह ने निर्माण एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके तहत सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर के निलंबन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया है।
जांच रिपोर्ट में अधिकांश तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए लेकिन शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मानकों से कम मिला तथा पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके मद्देनजर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तथा सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को उखाड़कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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