बैतूल , जनवरी 14 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिला कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा पशुपालन विभाग की योजनाओं की प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया है। योजनाओं की प्रगति बेहद कमजोर पाए जाने पर कलेक्टर ने अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सीवियर एनीमिया, मॉडरेट एनीमिया तथा पीआईएच मैनेजमेंट में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर खासे नाराज नजर आए। लापरवाही को गंभीर मानते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम तथा मैदानी स्वास्थ्य संस्थानों का संचालन हर हाल में प्रभावी होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि जिले में स्वीकृत 14 गौशालाओं में से केवल 10 ही संचालित हैं, जबकि चार गौशालाओं में अब तक बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। इस पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताते हुए उप संचालक पशुपालन सुरजीत सिंह के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
कलेक्टर सूर्यवंशी ने दो टूक कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए और इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन तथा पोषण आहार के नियमित वितरण को सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
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