बैतूल , मई 27 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले के चिचोली विकासखंड स्थित दूरस्थ वनग्राम झिरियाडोह में महीनों से बने पेयजल संकट के बीच प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को राहत मिली है। कलेक्टर के दौरे के बाद 24 घंटे के भीतर गांव में नलजल व्यवस्था शुरू कर दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार गांव का एकमात्र हैंडपंप सूख जाने के कारण पिछले करीब चार माह से पेयजल संकट बना हुआ था। महिलाओं और बच्चों को दूरस्थ जलस्रोतों से पानी लाना पड़ रहा था। ग्रामीण राक्शे कास्दे ने बताया कि पानी जुटाने में दिन का बड़ा हिस्सा व्यतीत हो जाता था। इस बीच कलेक्टर डॉ. सोनवणे गांव के निरीक्षण पर पहुंचे। रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने उनके समक्ष पेयजल संकट की समस्या रखी। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए गांव में हर घर तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया और 24 घंटे के भीतर नलजल व्यवस्था प्रारंभ कर दी। वर्तमान में ग्राम पंचायत द्वारा लगाए गए सोलर पंप के माध्यम से नियमित जलापूर्ति की जा रही है। इसके अलावा गांव में लंबे समय से खराब पड़े ट्रांसफार्मर को भी सुधारकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है।
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