कोलकाता , जुलाई 20 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को पनिहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक निर्मल घोष को एक करोड़ रुपये के लॉटरी टिकट की कथित लूट और पुरस्कार राशि की हेराफेरी से जुड़े एक मामले में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
श्री निर्मल घोष ने अपने बेटे तीर्थंकर घोष की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद उच्च न्यायालय का रुख किया था। श्री तीर्थंकर को चुनाव के बाद हुई हिंसा और लॉटरी टिकट की लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पनिहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पराजित उम्मीदवार श्री तीर्थंकर को रविवार देर रात पुलिस ने एक गुप्त अभियान के दौरान दक्षिणेश्वर इलाके से गिरफ्तार किया था। वह साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल होने सहित कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं।
पुलिस ने श्री तीर्थंकर और उनके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लॉटरी जीतने वाले एक व्यक्ति के साथ मारपीट और उसे धमकी देने के बाद उससे एक करोड़ रुपये का लॉटरी टिकट जबरन छीन लिया था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, श्री तीर्थंकर चुनाव में अपनी हार के बाद से ही फरार चल रहे थे, जिन्हें अंततः मोबाइल फोन के स्थान का पता लगाकर एक गुप्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया।
बेटे की गिरफ्तारी के बाद श्री निर्मल ने संभावित पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन अदालत ने इस मोड़ पर उन्हें कोई भी कानूनी राहत देने से मना कर दिया।
कानूनी दिक्कतों के अलावा श्री निर्मल राजनैतिक अलगाव का भी सामना कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में विपक्षी नेता ऋतब्रत बनर्जी से जुड़ी एक बैठक में शामिल होने की कोशिश की थी। हालांकि, उनके इस कदम को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया गया। श्री बनर्जी ने कहा कि निर्मल घोष बिना बुलाए बैठक में आए थे, उनके साथ कोई बैठक नहीं हुई है और न ही उन्हें पार्टी में शामिल करने को लेकर कोई चर्चा हुई है।
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