कोलकाता , अगस्त 20 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दक्षिण 24 परगना के अमतला में तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को गिराने पर लगी अंतरिम रोक की अवधि को बढ़ा दिया।

न्यायालय ने कहा कि 18 सितंबर तक कार्यालय को नहीं गिराया जा सकता। इस मामले की अगली सुनवाई आठ सितंबर को होगी। यह रोक 17 मई को सुशांत मंडल की शिकायत के बाद लगाई गयी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कार्यालय का निर्माण अवैध रूप से किया गया था। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने इस ढांचे के खिलाफ कदम उठाने शुरू कर दिए थे।

प्रशासन ने 18 जुलाई को कार्यालय का एक हिस्सा गिरा दिया गया था और अगले दिन और तोड़-फोड़ का काम शुरू हुआ। इसके बाद उच्च न्यायालय ने रविवार को एक विशेष सुनवाई की और तोड़-फोड़ पर रोक लगा दी। न्यायाधीश शुभ्रा घोष ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई की।

श्री बनर्जी की कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील किशोर दत्ता ने दलील दी कि अवैध निर्माण का आरोप प्लॉट संख्या 509 और 512 से जुड़ा था, जबकि तोड़-फोड़ प्लॉट नंबर 507 पर की गयी, जहाँ उनके मुवक्किल का कार्यालय है। उन्होंने तोड़-फोड़ के लिए उचित मुआवज़े की भी मांग की।

श्री दत्ता ने पहले न्यायालय को बताया था कि तोड़-फोड़ से पहले मालिक को कोई नोटिस नहीं दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने शिकायत की जानकारी या वे दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराए जिनके आधार पर निर्माण को अवैध घोषित किया गया था। वकील ने दलील दी कि मालिक को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना ही तोड़-फोड़ शुरू कर दी गयी थी।

उन्होंने कहा कि अगर कोई गैर-कानूनी निर्माण हुआ भी था, तो भी मालिक को पहले उसे हटाने का मौका दिया जाना चाहिए था। राज्य सरकार की ओर से गुरुवार की सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता सुरजीत नाथ मित्रा पेश हुए और राज्य का पक्ष रखने के लिए और समय मांगा। उन्होंने अनुरोध किया कि सरकार को सुनवाई के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद, न्यायाधीश घोष ने तोड़-फोड़ पर लगी अंतरिम रोक की अवधि को बढ़ा दिया और अधिकारियों को 18 सितंबर तक अमतला में श्री बनर्जी के कार्यालय को गिराने से रोक दिया।

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