भोपाल , अप्रैल 26 -- मध्यप्रदेश में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि रविवार को आयोजित बैठक में विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार नव नियुक्त कर्मचारियों के लिए 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन संबंधी व्यवस्था समाप्त नहीं कर रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। बैठक में इस आदेश को निरस्त कर वर्ष 2019 से पूर्ण वेतन लाभ देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
बैठक में अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त करने, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को केंद्रीय दर और तिथि के अनुसार महंगाई राहत देने, कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने तथा लंबित अनुकंपा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान लाभ देने, शिक्षकों की पात्रता परीक्षा निरस्त करने तथा कर्मचारियों के लिए केंद्र के समान उच्च चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
चर्चा के बाद सभी पदाधिकारियों ने निकट भविष्य में प्रदेश स्तर पर आंदोलन करने पर सहमति जताई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा, संरक्षक एल.एन. कैलासिया, शिव शंकर रजक, मोहन अय्यर, भोपाल जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम सहित विभिन्न विभागीय समितियों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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